RSS Feed

Category Archives: हिंदी कविता

कितने ही रंग भरो 

कितने ही रंग भरो 

कुछ बच  ही जाता है 

कितने ही ख्वाब बुनो 

कुछ छूट ही जाता है 

जीवन है एक पहेली 

या फिर  एक भूलभुलैया 

ढूढ़ने की कोशिश में 

कुछ हाथ न आता है 

मत मतलब ढूंढो तुम 

न मक़सद करो तलाश 

जितने भी रंग मिलें 

उनसे ही सजाओ जीवन 

जो इससे चुकेगा 

पीछे ही रह  जाता है 

 

Advertisements

Maa/ माँ

Posted on

बचपन में कहते

माँ एक कहानी सुना
अब कहते माँ
कोई कहानी मत बना
पहले मेरे  आंसुओं पर
तुम्हारे आंसूं पड़ते  निकल
अब मां  के आंसूं
लगते  इमोशनल  ब्लैकमेल
कहाँ कोई गलती हो जाती है
या शिक्षा में खुछ कमी रह जाती है
समझने समझाने में
एक उम्र निकल जाती है
खुशनसीब मिलता है वो
जिन्हे मिलता प्यार उम्र भर
वर्ना कई दाने दाने को तरसते हैं
भटकते हैं दर बदर
~Indira

मलाल / Malal

Posted on
बींधा
तीखी बातों से
एक दूजे को
हरदम
अब देखो वो जख्म
भीतर कैसे पलता है
लाख बिसारना चाहो
कांटे सा कसकता है
टीस उठे  हर  वक़्त
मरहम काम  ना करता है
नासूर बन न  जाये कहीं
हरदम  खून सा रिसता  है
वक़्त पर माफ़ी
मांग ली होती,
रहता नहीं मलाल
तुम भी चुप बैठे रहे
जैसे फर्क क्या पड़ता है
अहम् हमारा टकराये
मन कांच दरकता है
मन आहत पर
चेहरा बुजदिल
मुस्कानों को ढोता
हर रिश्ते का
एक मुखौटा
चिपका लेता है
~ इंदिरा

नाते -रिश्ते 

कितने नाते टूट गए 

कितने साथी रूठ  गए 
हम तो जहाँ थे  वहीँ रहे 
ना  जाने  सब कहाँ पर छूट गए 
नए नए साथी, नए नए रिश्ते 
बने  भी और बिखर गए 
जिससे  जितनी लिखी थी 
उतना ही साथ निभा गए 

यादें ही रह जाती हैं 

बस बातें ही बच जाती हैं 
कमी बहुत खलती है  मगर
दिन भी यूं ही  गुज़र गए 
भीड़ में आँखे खोजती हैं 
भूले , भटके ,कोई मिल जाए 
पर दुनिया एक सराय  है 
स आये, ठहरे और चले  गए 
~ इंदिरा 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस/Women’s International Day/ Hindi Kavita/ ईमानदारी

Women’s International Day एक प्रस्तुति

बस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
पर सम्मान,

बाकि दिन टालमटोल  ,

इसमें ए नादान  दुनियावालों,

ईमानदारी कैसी?

बेटे, बेटी में करे फर्क, 

न दे बराबर का हक़ और सम्मान,

  वो ममता कैसी ?

बहू  बेटी में करे फ़र्क़,

लाख झगडे पर बहू को न मनाये 

तो सासु माँ कैसी ?

सबकी सुनते रहे, 

किसी से न शिकायत की 

ऐसी भी दोस्तों अच्छाई कैसी?

कितनी भी टूटे, 

मोतियों सी पिरोई न गयी, 

वो दोस्ती, वो रिश्तेदारी कैसी?

प्यार का वादा ,

साथ निभाने की कसमें ,

झूठी हो जाएँ तो,

वफ़ादारी  कैसी? 

खुदा ने नहीं किया फर्क 

देने में नियामत अपनी,

फिर बन्दे तेरी हुकुमदारी कैसी?

~ Indira

 

Happy woman jumping on beach

Image source-

https://www.achhikhabar.com/2013/03/07/international-womens-day-in-hindi

 

 
 

एक कविता डोंगी बाबाओं भक्तों और के नाम पर

एक कविता डोंगी बाबाओं और भक्तों के नाम पर 

दाढ़ी बाल  बढ़ाये के बन  बैठे ये  संत,

उसे संवारें समय गवाएं मोह का नाहीं अंत

मोह का नाहीं अंत करें न कछु भलायी 

मार  काट करें धरम नाम पर अहम् से प्रीत लगाई

अहम् से प्रीत लगाई  सबको समझे  ओछा 

करो अंत इन सबका मारो झाड़ू पोछा

मारो झाड़ू पोछा क्योंकि  धरम तो प्यार सिखावे

और  ये करते धरम नाम पर  घोटाले और  दिखावे

घोटाले और दिखावे कर ये अपना घर  हैं भरते

ज्ञानी सारे  समझ समझ के भी इन पर हैं  मरते

इन पर हैं मरते डरें की कैसे खोलें इनकी पोल

मरवा डालेंगे अच्छा है पीटो इनकी ढोल

पीटो इनकी ढोल बनो मूरख अज्ञानी

भोगो नरक यहीं जो खुद की कदर न जानी

खुद की कदर न जानी जिंदगी इनके द्वार गवाई 

मांगता बनकर जिए समझ न फिर भी आयी

 

समझ न फिर भी आयी हाथ भी कुछ ना आया 

 

धन दौलत बाबा ने लूटी तुमको नाच नचाया 

 

तुमको नाच नचाया जेल में अब ये सड़ेंगे 

 

सुबह शाम अब जेल में ये चक्की पीसेंगे

 

चक्की पीसेंगे कर्मों का फल अब ये भोगेंगे 

 

भक्त रहे न घर या घाट के दूजा बाबा खोजेंगे 

~Indira

व्यक्तित्व 

तुम मुझे किसी फ्रेम में फिट नहीं कर सकते

छोटा, बड़ा,
त्रिकोने, चौकोर
आड़ा , तिरछा
मैं  सबसे बाहर निकल
हवा में फैल जाऊंगी
तुम मुझ पर कोई भी ठप्पा नहीं लगा सकते
हिन्दू, मुस्लिम , सिख ईसाई
जैन बौद्ध
या कोई भी
मैं  बस एक इंसान हूँ
इंसानियत धर्म है मेरा
चाहे धर्म, परांपरा , रूढ़िवाद के नाम पर
चाहे मुझे जलो
फांसी दो या ज़हर पिलाओ तुम मुझे मार  न पाओगे
मैं  सिर्फ ये तन नहीं
इन सबसे परे
एक स्वंतंत्र
हवा, पानी, सूरज,मिटटी का मिलाजुला रूप हूँ
अनंत
जिसे न कोई बांध पाया था
न बांध पायेगा
मेरा व्यक्तित्व
जो मुझे इन सब दायरों से अलग कर देखेगा
बस उसे ही समझ आएगा
~ Indira
Mugilan Raju

Prime my subconscious, one hint at a time

thehouseofbailey

Destination Dreams

Frank J. Tassone

haikai poetry matters

Julia Elizabeth Blog

The Life of Julia Elizabeth

radhikasreflection

Everyday musings ....Life as I see it.......my space, my reflections and thoughts !!

Trizahs RANDOM THOUGHTS

DIARY OF A SOCIALLY AWKWARD GIRL.

A Life Less Ordinary With SauraBhavna

Fight for the fairytale, it does exist

fauxcroft

living life in conscious reality

Quaint Revival

quirks, quips & photo clicks

Don't hold your breath

Tripping the world, slowly

Word of the Day Challenge

Alternative haven for the Daily Post's mourners!

Go Dog Go Café

Where writers gather

ONE TUSK

From Confusion to Self Discovery

teleportingweena

~wandering through life in my time machine...you never know where it will stop next~

A Unique Title For Me

Hoping to make the world more beautiful

So Not Simple ©

The Words seem Loud as I stay Quiet... Because writing is Easy while Talking is NOT ...

Mistyroads

Imagination Rocks

Haddon Musings

There are 11,507 stories in Haddonfield; this is one of them.