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Category Archives: HINDI KAVITA

एक कविता डोंगी बाबाओं भक्तों और के नाम पर

एक कविता डोंगी बाबाओं और भक्तों के नाम पर 

दाढ़ी बाल  बढ़ाये के बन  बैठे ये  संत,

उसे संवारें समय गवाएं मोह का नाहीं अंत

मोह का नाहीं अंत करें न कछु भलायी 

मार  काट करें धरम नाम पर अहम् से प्रीत लगाई

अहम् से प्रीत लगाई  सबको समझे  ओछा 

करो अंत इन सबका मारो झाड़ू पोछा

मारो झाड़ू पोछा क्योंकि  धरम तो प्यार सिखावे

और  ये करते धरम नाम पर  घोटाले और  दिखावे

घोटाले और दिखावे कर ये अपना घर  हैं भरते

ज्ञानी सारे  समझ समझ के भी इन पर हैं  मरते

इन पर हैं मरते डरें की कैसे खोलें इनकी पोल

मरवा डालेंगे अच्छा है पीटो इनकी ढोल

पीटो इनकी ढोल बनो मूरख अज्ञानी

भोगो नरक यहीं जो खुद की कदर न जानी

खुद की कदर न जानी जिंदगी इनके द्वार गवाई 

मांगता बनकर जिए समझ न फिर भी आयी

 

समझ न फिर भी आयी हाथ भी कुछ ना आया 

 

धन दौलत बाबा ने लूटी तुमको नाच नचाया 

 

तुमको नाच नचाया जेल में अब ये सड़ेंगे 

 

सुबह शाम अब जेल में ये चक्की पीसेंगे

 

चक्की पीसेंगे कर्मों का फल अब ये भोगेंगे 

 

भक्त रहे न घर या घाट के दूजा बाबा खोजेंगे 

~Indira

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व्यक्तित्व 

तुम मुझे किसी फ्रेम में फिट नहीं कर सकते

छोटा, बड़ा,
त्रिकोने, चौकोर
आड़ा , तिरछा
मैं  सबसे बाहर निकल
हवा में फैल जाऊंगी
तुम मुझ पर कोई भी ठप्पा नहीं लगा सकते
हिन्दू, मुस्लिम , सिख ईसाई
जैन बौद्ध
या कोई भी
मैं  बस एक इंसान हूँ
इंसानियत धर्म है मेरा
चाहे धर्म, परांपरा , रूढ़िवाद के नाम पर
चाहे मुझे जलो
फांसी दो या ज़हर पिलाओ तुम मुझे मार  न पाओगे
मैं  सिर्फ ये तन नहीं
इन सबसे परे
एक स्वंतंत्र
हवा, पानी, सूरज,मिटटी का मिलाजुला रूप हूँ
अनंत
जिसे न कोई बांध पाया था
न बांध पायेगा
मेरा व्यक्तित्व
जो मुझे इन सब दायरों से अलग कर देखेगा
बस उसे ही समझ आएगा
~ Indira

ज़िंदगी

ज़िंदगी 

परत दर परत उधेड़ते रहे 
प्याज़ के छिलकों की तरह 
अंत में हाथ में  आया 
बस एक शून्य था  
~ Indira

दोस्त/ Dost

 

क्या क्या हमने खोया होता, जो हम कभी ना मिलते
यादों के जो फूल खिले हैं वो फिर कभी न खिलते

कितनी खुशियाँ बांटी हमने दुःख भी साथ सहे हैं
कितने तनहा रह जाते जो तुम न हमको मिलते

जितना जाना,जितना समझा वो क्या कम था वरना
तुम्हें समझ पाने की हसरत दिल में ले कर मरते

वो तो किस्मत अच्छी थी जो तुमसे दोस्त मिले हैं
वरना तुमसे दोस्त बड़ी किस्मत वालों को हैं मिलते

Beauty - Copy

हौसला

कभी कभी हमबिस्तर भी मीलों दूर हो  जाते हैं
कभी हजारों मील दूर भी दिल के पास आजाते हैं
बस! दिलों में प्यार होना चाहिए|
कभी तो  थाली भर भोजन भी तृप्त नहीं कर पाता है
कभी तो सूखी रोटी में  भगवान  नजर आ जाते हैं
बस! भूख होना चाहिए|
कभी हजारों पन्नों में भी  दिल की बात नहीं आती है
कभी कभी तो एक नजर भी  कितना कुछ कह जाती है
बस! व्यक्त करना आना चाहिए |
कभी हवा का झोंका भी धराशायी कर जाता है
कभी हजारों तूफां भी हिला नहीं तुम्हें पाते है
बस! हौसला होना चाहिए|

~Indira

और फिर नारी ने कहा

और फिर नारी ने कहा
हे नर !

मैं तो हमेशा से वहीँ हूँ 

जहाँ मुझे होना था 

न तुम्हारे आगे न पीछे 
न ऊपर न नीचे 
बस बराबरी में
मुझे तो कभी भी महान बनने की चाहत न थी 
तुम ही हमेशा  ऊंचा बनने की होड़ में लगे रहे 
महान बनने के रास्ते तो और भी थे
उन पर चल तुम ईश्वर बन सकते थे 
पर तुमने यह क्या किया ?   
मुझे नीचा  दिखाने की कोशिश में 
खुद से कमजोर जताने  की ख्वाहिश में 
खुद को महान  दिखाने की चाहत में 
मुझ पर बलात्कार और जुर्म कर 
खुद को ही नीचा गिरा कर 
मुझ स्वतः ही  उपर  उठा दिया 
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Painting by Sharmila Kiri

उड़ान- एक गीत

अपनी  ज़िन्दगी 

हमें ही  जीने दो

मत थोपो अपने सपने

हमें  ही बुनने दो

अच्छे और बुरे का

बस फर्क तुम बता दो

कैसे गगन में उड़ना

इतना बस सिखा दो

लकीर के फ़क़ीर

बनना नहीं हमें

नए रस्ते अपने लिए

तलाशेंगे  खुद ही हम

तुम तो बस हमें

उड़ने को छोड़ दो

या साथ हो लो हमारे

नए नए सपने बुनो

सपने बनाने की

कोई उम्र होती नहीं

छोड रूढ़ीवाद  और

पुरानी परम्पराएँ

सब नया  नहीं है बुरा

विश्वास करके देखो

मेरा हाथ पकड़ कर

फिर से उड़ कर देखो

जब सब का साथ हो

कठनाई डर  के भागेगी

मंज़िल सच हमें

खुद ब खुद तलाशेगी

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Everything is a mismatch on their own until they are together and given a meaning.

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