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Category Archives: satire

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस/Women’s International Day/ Hindi Kavita/ ईमानदारी

Women’s International Day एक प्रस्तुति

बस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
पर सम्मान,

बाकि दिन टालमटोल  ,

इसमें ए नादान  दुनियावालों,

ईमानदारी कैसी?

बेटे, बेटी में करे फर्क, 

न दे बराबर का हक़ और सम्मान,

वो ममता कैसी ?

बहू  बेटी में करे फ़र्क़,

लाख झगडे पर बहू को न मनाये 

तो सासु माँ कैसी ?

सबकी सुनते रहे, 

किसी से न शिकायत की 

ऐसी भी दोस्तों अच्छाई कैसी?

कितनी भी टूटे, 

मोतियों सी पिरोई न गयी, 

वो दोस्ती, वो रिश्तेदारी कैसी?

प्यार का वादा ,

साथ निभाने की कसमें ,

झूठी हो जाएँ तो,

वफ़ादारी  कैसी? 

खुदा ने नहीं किया फर्क 

देने में नियामत अपनी,

फिर बन्दे तेरी हुकुमदारी कैसी?

~ Indira

 

Happy woman jumping on beach

Image source-

https://www.achhikhabar.com/2013/03/07/international-womens-day-in-hindi

 

 
 

और फिर नारी ने कहा

और फिर नारी ने कहा
हे नर !

मैं तो हमेशा से वहीँ हूँ 

जहाँ मुझे होना था 

न तुम्हारे आगे न पीछे 
न ऊपर न नीचे 
बस बराबरी में
मुझे तो कभी भी महान बनने की चाहत न थी 
तुम ही हमेशा  ऊंचा बनने की होड़ में लगे रहे 
महान बनने के रास्ते तो और भी थे
उन पर चल तुम ईश्वर बन सकते थे 
पर तुमने यह क्या किया ?   
मुझे नीचा  दिखाने की कोशिश में 
खुद से कमजोर जताने  की ख्वाहिश में 
खुद को महान  दिखाने की चाहत में 
मुझ पर बलात्कार और जुर्म कर 
खुद को ही नीचा गिरा कर 
मुझ स्वतः ही  उपर  उठा दिया 
Image2958

Painting by Sharmila Kiri

AITBAR/ ऐतबार

कहीं पर है सूखा कहीं पर है बाढ़,

पीने को पानी फिर भी हर जगह कम है ।

बादल देखा कर तोड़ो न तुम मटके ,
गरजते बादलों पे भरोसा जरा कम है ।
कागज की नाव लिए उदास हैं बच्चे,
नालों खड्डों में भी पानी बहुत कम है।
मंहगाई की मार  से परेशान है सरकार भी,
वादों में जोश ज्यादा आँखों में पानी कम है।
मुश्किल से मिली कुर्सी कहीं फिर से छिन  न जाए,
अपने ही किये वादों पे ऐतबार उन्हें कम है।

ASMANJAS/ असमंजस

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चिंता में जनता पड़ी
किसको दे ये वोट
हर किसी में पाइए
कोई ना कोई खोट
नींद है भागी
भूख मर गयी
चिंता एक सताए
देश की नैय्या
भैय्या किन
हाथों में
सौंपी जाये
ईमान के लिए मरजाते
कहाँ गए वो लोग
बचे हुए तो मिलबांट
के खूब लगाये भोग
जनता भी तो
अवतार की
आस में धुनी रमाये
खुद का भी
कर्तव्य है कुछ
कौन इसे
समझाए
छोटे छोटे स्वार्थों में
सुब कुछ हैं बिसराए
टीवी,ठर्रा जो भी
दे दे
उसे वोट दे आये

 

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चिंता में जनता पड़ी
किसको दे ये वोट
हर किसी में पाइए
कोई ना कोई खोट
नींद है भागी
भूख मर गयी
चिंता एक सताए
देश की नैय्या
भैय्या किन
हाथों में
सौंपी जाये
ईमान के लिए

मरजाते
कहाँ गए वो लोग
बचे हुए तो मिलबांट
के खूब लगाये भोग
जनता भी तो
अवतार की
आस में धुनी रमाये
खुद का भी
कर्तव्य है कुछ
कौन इसे
समझाए
छोटे छोटे स्वार्थों में
सुब कुछ हैं बिसराए
टीवी,ठर्रा जो भी
दे दे
उसे वोट दे आये

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AJAB SHEEKH/ अजब देश में गज़ब सीख

अपना घर सम्हलता नहीं देश सम्हालने के गुर बताते हैं
जिन्हें घर का बजट बनाना नहीं आता वो अर्थमंत्री को नुस्खे बताते हैं
जिन्होंने कभी बल्ला नहीं थामा वो  सचिन को बैटिंग सिखाते हैं
दूसरों का धन हड़पने वाले त्याग की महिमा सिखाते हैं
उर्वशी, रम्भा के सपने देखने वाले ब्रह्मचर्य की महिमा बताते हैं
स्त्री की मर्यादा न करनेवाले दुर्गा, काली, लक्ष्मी और सरस्वती को पूजते नज़र आते हैं
किसी ने खूब कहा है
अंजामे गुलिस्ता क्या होगा हर शाख पे उल्लू बैठा है
और हम कहिन
उस देश की रक्षा क्या होगी हर घर में दुश्मन पैठा है

~ Indirafrog in the rain

KHUCHH SAWAL/कुछ सवाल ???

कुछ सवाल ???

देश के नेताओं, पुलिस , और कुछ पुरुष (?) वर्ग के के उलटे सीधे बयां बड़ा परेशां करते हैं
कुछ प्रश्न मन में उमड़ते घुमड़ते हैं जिनके जवाब ढूंढे नहीं मिलते हैं
हुज़ूर!  कब और कैसे   औरतों को सुरक्षा प्रदान कर पाएंगे
अगर साड़ी  महिलाएं बुरखा पहन लें तो आप निर्लिप्त हो जायेंगे
छेड़खानी और बलात्कार से अपने को रोक पाएंगे
या फिर
लड़कियां महिलाएं घर में बंद बैठ जाएँ तो आप भी खुद को सम्हाल पाएंगे
आप तो नादान लड़कों को भी नहीं छोड़ते
कोई हद कोई लक्ष्मण रेखा तो बनाइये
औरत कुर्बानी की कितनी  हद है
जो आप को आपकी लक्ष्मण रेखा में बाँध रखे
या आपके लिये कोई सीमा,कोई लक्ष्मण रेखा नहीं है
आप माँ, पत्नी, बहन पर अत्याचार के लिए स्वतंत्र हैं
आप से बुद्धिमान,कुशल महिला आपसे देखी   नहीं जाती

Image0221हंसती खिलखिलाती महिला आप से देखी नहीं जाती
पर काटने को  आपकी आत्मा बैचैन हो जाती है
कहीं सब पर से आपका राज खत्म हो जाए
यही बात आपको सताए चली जाती है
आपके हिसाब से तो
लड़की जन्म ही नाले तो सारे अपराध खत्म हो जायेंगे
भ्रूण हत्या , दहेज़ प्रथा , छेड़खानी, बलात्कार सभी खत्म हो जाएँ
बस आप ही का राज हो, देश संसार धीरे धीरे बर्बाद हो आप को क्या
अभी आप राज करो फिर आप का बेटा
उसके बाद दुनिया खत्म हो जाए तो आपका क्या ???

~Indira

 

Desh Ka Haal/ देश का हाल और लोग बेहाल

आप तो खामोखा नाराज हो जाते हैं
देश के हाल पे क्यों इतना बवाल मचाते हैं
क्या आप दुखी हैं किबहस का मुद्दा
कालाधन, भ्रष्टाचार ,नीतिहीनता क्यों है ?
अरे भाई ,
कालाधन, भ्रष्टाचार ,नीतिहीनता अगर देश प्रेमी और स्वार्थहीन चलाते
तो गरीबों की समस्याओं, शिक्षा और,देश उन्नति पर बहस बिठलाते ।
शासन राजहंसों के हाथ हो
तो, मोती , हिमालय, मानसरोवर
और पवित्रता पर बहस होगी
और शासन अगर कौओं के हाथ हो
तो बहस भी छिछ्ड़ों पर ही होगी |

DESH / मेरा देश है ऐसा- एक कल्पना

मेरा देश है ऐसा
यहाँ कोई बेईमान नहीं, कोई घूसखोर या कोई हैवान नहीं .
लड़ते है, बहस करते हैं, पर एक दूजे की लेता कोई जान नहीं.
कोई धन जमा करके,तिजोरियां भरता नहीं
करते सब काम यहाँ ,भूखा कोई सोता नहीं.
शिक्षा यहाँ हर किसीको, मुफ्त में उपलब्ध है,
कौन बड़ा,कौन छोटा,कोई भेदभाव नहीं.
बेफिक्र घूमे सब कोई अपराध नहीं
लड़की हो या लड़का,करे कोई परेशान नहीं.
कोई भी त्यौहार हो, मिलजुल मनाएं सभी,
धर्म के नाम पर कोई भी विवाद नहीं.
ऐसा देश मेरा जिसपे हम सबको गर्व है
जान मांगे जान दें , कोई ऐतराज नहीं.

~Indira

Timeless Mind

All about self realisation, paranormal, dream interpretation and more

Life in Copenhagen

Life in Copenhagen, Denmark, after moving during Covid-19.

Agapē Words of Hope Ministry

Words to Encourage, Inspire & Empower

Banter Republic

It's just banter

Glee Sparkle

See Miracles In Life Everyday

satyaanveshan

My Psychological and Spiritual Odyssey!

कही अनकही बातें

जो हमपे गुज़री सो गुज़री मगर शब-ए-हिज्राँ हमारे अश्क तेरी आक़बत सँवार चले

Nit@94

अभिव्यक्ति

rishabh_myjoopress

a poetic journey with memories

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By Sandra Js Photography - Make the rest of your life the best of your life.

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