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Tag Archives: सीख

Request/बस आज के लिए

बस आज के लिए

घृणा को बदल दो प्यार में
क्रोध को हटा दो क्षमा से
स्वार्थ की जगह लाओ त्याग
ईमान को लेने दो बईमानी की जगह
और आलस को भगादो कर्म से
फिर देखना आइने में                                                  
एक साफ़ स्वच्छ चेहरा
दमकता , चमकता
स्वाभिमान से
बिना किसी मुखोटे का
तुम्हे खुद पर ही  गर्व होगा
फिर कल?
जो चेहरा देखना चाहो
वही करना

 

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MUFT GYAN/ मुफ्त ज्ञान

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क्या पता बारिश इस बार भी दगा दे , बादल देख कर मटके फोड़ा नहीं करते |

सदियाँ गुज़र जाती हैं रिश्ते बनाने में, एक जरा सी बात पर रिश्ते तोड़ा नहीं करते |

क्या पता कौन कब दगा दे जाए, एक ही मुलाकात में रिश्ते जोड़ा नहीं करते |

खामोखां किसी को कोई मुगालता क्यों हो, उँगलियों से यूँ पल्लू मरोड़ा नहीं करते |

हर कोई आपके हुस्न का दीवाना नहीं है,यूँ ही बेमतलब हिज़ाब ओड़ा नहीं करते |

न जाने कौन अजनबी कब मीत बन जाए, किसी को देख कर यूँ मुंह मोड़ा नहीं करते |

तरक्की पर तो हर किसी का हक़ है, दूसरों की राह का रोड़ा नहीं बनते |

आराम करने के मौके तो मिलेंगे बहुत, यूँ ही बेवक्त खटिया तोड़ा नहीं करते

जाने वाला चल दिया तनहा छोड़ कर, यूँ ही हंस कर गम थोड़ा नहीं करते |

मज़हब तो दिलों को मिलाने को बना है, मज़हब के नाम पर सर तोड़ा नहीं करते |

_ Indira

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AJAB SHEEKH/ अजब देश में गज़ब सीख

अपना घर सम्हलता नहीं देश सम्हालने के गुर बताते हैं
जिन्हें घर का बजट बनाना नहीं आता वो अर्थमंत्री को नुस्खे बताते हैं
जिन्होंने कभी बल्ला नहीं थामा वो  सचिन को बैटिंग सिखाते हैं
दूसरों का धन हड़पने वाले त्याग की महिमा सिखाते हैं
उर्वशी, रम्भा के सपने देखने वाले ब्रह्मचर्य की महिमा बताते हैं
स्त्री की मर्यादा न करनेवाले दुर्गा, काली, लक्ष्मी और सरस्वती को पूजते नज़र आते हैं
किसी ने खूब कहा है
अंजामे गुलिस्ता क्या होगा हर शाख पे उल्लू बैठा है
और हम कहिन
उस देश की रक्षा क्या होगी हर घर में दुश्मन पैठा है

~ Indirafrog in the rain

Seekh-सीख

सीख

सारा जीवन घूम के, ज्ञान के मोती जमा किये,
सोचा साथ ना जायेगा, कहाँ मैं घूमू लिए लिये |
मोती बाँटन ज्ञान के ,जब बंजारा हुआ खड़ा ,
देखा यहाँ तो हर कोई, है मोती से हुआ जड़ा|
शीश झुकाया उसने सबको,और ये बात है मानी,
समझदार हैं सभी यहाँ ,सभी यहाँ पर ज्ञानी|
अब उसने है बंद की, देना सब को सीख,
अपना ज्ञान भुलाकर मांगे ,सबसे ज्ञान की भीख |

ज्ञान की भीख/ Gyan Ki Bhikh

हिंदी मेरी मातृभाषा है अत: मेरा एक हिंदी ब्लॉग होना ही चाहिए जिसमे मैं अपनी भाषा में अपने मन के उदगार लिख सकूँ |

सारा जीवन घूम के, ज्ञान के मोती जमा किये,
सोचा साथ ना जायेगा, कहाँ मैं घूमू लिए लिये |
मोती बाँटन ज्ञान के ,जब बंजारा हुआ खड़ा ,
देखा यहाँ तो हर कोई, है मोती से हुआ जड़ा|
शीश झुकाया उसने सबको,और ये बात है मानी,
समझदार हैं सभी यहाँ ,सभी यहाँ पर ज्ञानी|
अब उसने है बंद की, देना सब को सीख,
अपना ज्ञान भुलाकर मांगे ,सबसे ज्ञान की भीख |

~Indira

One Woman's Quest

Passion for writing ignites my soul's momentum

One Woman's Quest II

Navigating life through grandparenthood, chronic illness, dream work, and other inspirations

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songs unheard by the poet next door

Bren & Ashley Ryan Photography

Known as RyanPhotography

Playing with words

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Niharika's blog

Hindi poetry

Reena Saxena

Experiments in Creative Writing, and more ....

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Life hacks, fashion and beauty tips, photography, health gyan, poetry and heartfelt musings about everything and anything under the sun!

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THIS LIFE IS ENOUGH TO PROVE THEM WRONG.

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