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Tag Archives: dost

दोस्त/ Dost

 

क्या क्या हमने खोया होता, जो हम कभी ना मिलते
यादों के जो फूल खिले हैं वो फिर कभी न खिलते

कितनी खुशियाँ बांटी हमने दुःख भी साथ सहे हैं
कितने तनहा रह जाते जो तुम न हमको मिलते

जितना जाना,जितना समझा वो क्या कम था वरना
तुम्हें समझ पाने की हसरत दिल में ले कर मरते

वो तो किस्मत अच्छी थी जो तुमसे दोस्त मिले हैं
वरना तुमसे दोस्त बड़ी किस्मत वालों को हैं मिलते

Beauty - Copy

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Moody/कभी कभी

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कभी कभी,
भीड़ में भी आप अकेले रहते हो
कभी कभी अकेले में भी भीड़ आप के अन्दर रहती है
ख्यालों की, इच्छाओं की, वासनाओं की
जाने पहचाने लोगों की,दोस्तों,दुश्मनों  की
कभी कभी,
हँसते हँसते रो देते हो
या, रोते रोते हंस देते हो
कोई इच्छा पूरी हो जाये तो, कोई प्यार से मनाये तो
कभी कभी,
मांगे से दमड़ी नहीं देते
कभी बिन मांगे मोती दे जाते हो,
आपका मन आजाये तो, किसी पे प्यार आजाये तो
कभी कभी
क्या क्या नहीं होता, बस
मूड, मौका, मन और ख्याल आजाये तो.
कभी कभी, कुछ भी समझ नहीं आता
और यूँही लिखे चले जाते हो.

 

Indira's Blog

कभी कभी हमबिस्तर भी मीलों दूर हो  जाते हैं
कभी हजारों मील दूर भी दिल के पास आजाते हैं
बस! दिलों में प्यार होना चाहिए|
कभी तो  थाली भर भोजन भी तृप्त नहीं कर पाता है
कभी तो सूखी रोटी में  भगवान  नजर आ जाते हैं
बस! भूख होना चाहिए|
कभी हजारों पन्नों में भी  दिल की बात नहीं आती है
कभी कभी तो एक नजर भी  कितना कुछ कह जाती है
बस! व्यक्त करना आना चाहिए |
कभी हवा का झोंका भी धराशायी कर जाता है
कभी हजारों तूफां भी हिला नहीं तुम्हें पाते है
बस! हौसला होना चाहिए|

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