RSS Feed

Tag Archives: Hindi Kavita

रूदन पुराण / Rodan Puran

 रोना धोना रोना धोना
बात बात पर आये  रोना
ख़ुशी में रोना दुःख में रोना
प्यार में रोना घृणा में रोना 
मिलन में रोना विरह में रोना
कभी कोई आये तो रोना
आकर न जाये तो रोना 
कभी कोई जाये तो रोना
जाकर ना आये  तो रोना 
कभी याद करले  तो रोना
कभी भुलादे तो है   रोना 
पाकर रोना खो कर रोना
लेकर रोना देकर रोना
 सही है या   बेकार का रोना 
रोना जब आये  तो लोगो 
ठीक है जी भर कर रो लेना 
क्योँकि 
खारे पानी का एक समंदर नैनं में है  गोय 
जितना चाहे उलीचिये  कबहुँ ना खाली होय 
 ~  इंदिरा
Does Crying Make One Weak? by  SANDEEPT
 

 

 

 

नाम तेरा /Tera Naam

हवा पर लिखा मैंने  नाम तेरा

ले गयी उड़ाकर  हवा  नाम तेरा
समंदर की रेत  पर लिखा  नाम तेरा
मिटा दिया लहरों ने हर बार  नाम तेरा
 पत्तों पर  लिखा मैंने  नाम तेरा
सूखे हुए पत्तों के साथ बिखर गया  नाम तेरा
वृक्ष   के तने पर उकेरा  नाम तेरा
आंधी ने गिराया  उसे  जिस पर था  नाम तेरा
अपने दिल पर लिखा जब   नाम तेरा
लोग हंसने लगे
शरीर छूट गया  तो चला जायेगा साथ नाम
मैंने कहा तो क्या
जब तक है ज़िंदगी तब तक तो रहेगा  नाम तेरा
Image0107-002

अब भी है वक़्त

कभी इस बात कभी उस बात पर रोना आया

सोचा तो अपनी हरेक बात पर रोना आया 
अपनी मस्ती में जिए देश की परवाह न की 
बिगड़े  हैं देश हालात तो रोना आया 
कभी रोकर कभी सोकर समय काट लिया 
अब जो काटा  है समय ने तो रोना आया 
अब भी है वक़्त बचे को तो सम्हाल ही लो 
भाग्य के नाम पर सब छोड़ पलायन न करो 
अब जो चुप बैठे तो जीवन भर पछताओगे 
बिगड़ी हुई बात बनाले उसे ही जीना आया 

Request/बस आज के लिए

बस आज के लिए

घृणा को बदल दो प्यार में
क्रोध को हटा दो क्षमा से
स्वार्थ की जगह लाओ त्याग
ईमान को लेने दो बईमानी की जगह
और आलस को भगादो कर्म से
फिर देखना आइने में                                                  
एक साफ़ स्वच्छ चेहरा
दमकता , चमकता
स्वाभिमान से
बिना किसी मुखोटे का
तुम्हे खुद पर ही  गर्व होगा
फिर कल?
जो चेहरा देखना चाहो
वही करना

 

पिंजरे का पंछी

लाकर मुझको तूने था एक पिंजरे में डाला

सोने के नुपुर दिए पिंजरा  भी सोने वाला
मरना था आसान नहीं पिंजरे को ही अपनाया
तेरे  दाना पानी को ही अपना मैंने जाना
मुक्त गगन के पंछी मुझपे हँसा करते थे
पर तेरे प्यार के आगे सीखा शीश झुकाना
तेरी चाहत खत्म हुई  मन तेरा भरपाया
अब पिंजरे खोलके तू कहता है अब उड़ जाना
उड़जा जहाँ भी जी चाहे वापस मत तू आना
आदत हो गयी पिंजरे की अब कैसी आज़ादी
मैंने कब सीखा है अपने पंखों को फैलाना
~इंदिरा

 

Bird-in-a-Cage

फलसफा

Reflexion

Reflexion

देखिये तो लोग

यहाँ कितने मूढ़ हैं

काटे  उसी डाल  को
जिसपर आरूढ़ हैं
जो भी बोया काटे वही
जो भी दिया पाये वही
जीवन का फलसफा
इतना भी  नहीं गूढ़ हैं
– Indira
Thursday 7W in Hindi 6.8.15

Anurodh/अनुरोध

अनुरोध

कब तलक मैं ही कहे जाऊं

नया वक़्त है नए ख्याल
नयी सदी है नया उबाल
जोश है तुममे दम  है तुममे
अब तुम कहो
मौन मैं हो जाऊं
मिटने दो पुराने को
देखो नए स्वप्न
मिटा कर पुराने को भर दो नए रंग
वक़्त पूरा हुआ मेरा
तुम सम्हालो ये दुनिया
तुम नए स्वप्न बुनो
और मैं सो जाऊं

 

Ashabhang/आशाभंग

बिजली चमकी,बादल  गरजे

छाई घटा घनघोर
बारिश की आशा से
मनमोर  हुआ  विभोर
कागज की कश्ती ले घूमें
बच्चे मचाते शोर
पर ये क्या?
बादल  भागे
बिजली थमकी
ना पानी ना  धरती भीजी
ये कैसी बेईमानी
इतनी आशा हमें दिला
जा बरस रहे  कहीं और

 

Image3452

MAN( मन)

 मन
मन एक अबूझ पहेली सा है                                  confused cat
भीड़ में अकेला
और
अकेलेपन में भीड़ से भर जाता है
कभी कभी निन्यानवे के चक्कर में पड़ेगा
कभी बिना कुछ ही खुश हो जाता है

वैसे  बकबक करता रहता है

अनवरत

सोने भी नहीं देता पर कुछ लिखने  कोशिश करो
तो सब बिसरा सा  जाता है
समझ नहीं आता
यह बस मेरा हाल है
या, सभी के साथ ऐसा हो जाता है
कौन इसे समझाए
जितना  कुछ पकड़ पाओ तो सोना है
वरना  सब मिटटी हो जाता है.

KAFIR KAUN/ काफ़िर कौन?

Posted on

काफ़िर कौन?

काफ़िर कौन

वह  जो

मंदिर, मस्जिद, चर्च नहीं जाकर भी सच्चा इंसान है

या वह जो धार्मिक बनता है पर  धर्म के नाम पर

फैलाता है दहशत और आतंक
अपने क्षुद्र स्वार्थों को पूरा करने के लिए
मजहब का सहारा ले सत्ता हथियाने के लिए?
मूर्ति नहीं पूजने से कोई ऊंचा नहीं बनता , या
मूर्ति पूजने से कोई छोटा हो जाता है
अपनी अपनी श्रद्धा है जिसे जो भाये
पूजता तो  प्रतीक ही है न
चाहे वो ग्रन्थ हो, सलीब हो या मूर्त्ति हो
मतलब तो सच्चा इंसान बनाने से ही है
मेरे ईश्वर
किसी कमरे में बंद हो फूल, चन्दन से संतुष्ट नहीं होते
वो तो हर इंसान को खुद  सा ही बनाने में विश्वास करते हैं
लोगों में ही राम, कृष्णा, दुर्गा, जीसस, बुद्धा, महावीर, मोहम्मद की तलाश कीजिये
असली पूजा तो पूज्य जैसा बनाने में ही है
उसके गुण अपनाने में है
नहीं तो जितना चाहे
‘ मेरा धर्म सर्वश्रेष्ठ’ का नारा लगते रहिये
धर्म के नाम पर हिंसा, नफरत भेदभाव फैलाते रहिये
ईश्वर कभी भी प्रसन्न नहीं होने वाले
लाख माला फिराते  रहिये और धार्मिक स्थलों के चक्कर लगाते  रहिये.
~इंदिरा
Timeless Mind

All about self realisation, paranormal, dream interpretation and more

Life in Copenhagen

Life in Copenhagen, Denmark, after moving during Covid-19.

Agapē Words of Hope Ministry

Words to Encourage, Inspire & Empower

Banter Republic

It's just banter

Glee Sparkle

See Miracles In Life Everyday

satyaanveshan

My Psychological and Spiritual Odyssey!

कही अनकही बातें

जो हमपे गुज़री सो गुज़री मगर शब-ए-हिज्राँ हमारे अश्क तेरी आक़बत सँवार चले

Nit@94

अभिव्यक्ति

rishabh_myjoopress

a poetic journey with memories

Into the Light Adventures

By Sandra Js Photography - Make the rest of your life the best of your life.

ESSENTIAL INFINITY

We endeavor to provide knowledge of various Science concepts by creating Science videos on YouTube & by sharing Science content on social media.

LIfeTech with NikitaSainju

Blog writer, travel writer, journal writer, cooking, nature lover, book lover..

Art, Photography and Poetry

Artist by choice, photographer by default, poet by accident.