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Tag Archives: Hindi poems

Prayer to Godess Saraswati/ माँ सरस्वती से एक प्रार्थना

माँ सरस्वती वर दे वर दे 
माँ सरस्वती वर दे वर दे
 
मेरा कंठ सुरों से भर दे भर दे
दे विद्या, बुद्धि और सुमति  
दिल में मेरे भर तेरी  भक्ति 
मूक बधिर को दे दे वानी 
बुद्धि उन्हें जो हैं  अज्ञानी 
सबको दे विद्या का दान 
बनें विनम्र भूलें  अभिमान 
एक दूजे को समझे अपना 
पूरा हो एकता का सपना
बस इतनी सुन ले अरदास  
हम सब तो है तेरे दास 
वीणा वादिनी वर दे वर दे 
~ Indira
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और फिर नारी ने कहा

और फिर नारी ने कहा
हे नर !

मैं तो हमेशा से वहीँ हूँ 

जहाँ मुझे होना था 

न तुम्हारे आगे न पीछे 
न ऊपर न नीचे 
बस बराबरी में
मुझे तो कभी भी महान बनने की चाहत न थी 
तुम ही हमेशा  ऊंचा बनने की होड़ में लगे रहे 
महान बनने के रास्ते तो और भी थे
उन पर चल तुम ईश्वर बन सकते थे 
पर तुमने यह क्या किया ?   
मुझे नीचा  दिखाने की कोशिश में 
खुद से कमजोर जताने  की ख्वाहिश में 
खुद को महान  दिखाने की चाहत में 
मुझ पर बलात्कार और जुर्म कर 
खुद को ही नीचा गिरा कर 
मुझ स्वतः ही  उपर  उठा दिया 
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Painting by Sharmila Kiri

नासमझ दिल

कितने सपने देखें
और कितना मन को मारें
दिल को कौन बताये
लाख जतन करो सब कुछ पालूं
फिर भी कुछ छूट ही जाये
दिल को कौन बताये
आधा छोड़ पूरे भाग न मनवा
जो है वो भी छिन ना जाये
दिल को कौन बताये
अपनी सीमा खुद पहचानो
जितनी चादर पाओं पसारो
दिल को कौन बताये
सब की अपनी मजबूरी है
कब तक कोई साथ निभाए
जब तक का है साथ किसीका
हंस कर ले बतियाये
दिल को कौन बताये

अब भी है वक़्त

कभी इस बात कभी उस बात पर रोना आया

सोचा तो अपनी हरेक बात पर रोना आया 
अपनी मस्ती में जिए देश की परवाह न की 
बिगड़े  हैं देश हालात तो रोना आया 
कभी रोकर कभी सोकर समय काट लिया 
अब जो काटा  है समय ने तो रोना आया 
अब भी है वक़्त बचे को तो सम्हाल ही लो 
भाग्य के नाम पर सब छोड़ पलायन न करो 
अब जो चुप बैठे तो जीवन भर पछताओगे 
बिगड़ी हुई बात बनाले उसे ही जीना आया 

Anurodh/अनुरोध

अनुरोध

कब तलक मैं ही कहे जाऊं

नया वक़्त है नए ख्याल
नयी सदी है नया उबाल
जोश है तुममे दम  है तुममे
अब तुम कहो
मौन मैं हो जाऊं
मिटने दो पुराने को
देखो नए स्वप्न
मिटा कर पुराने को भर दो नए रंग
वक़्त पूरा हुआ मेरा
तुम सम्हालो ये दुनिया
तुम नए स्वप्न बुनो
और मैं सो जाऊं

 

MAN( मन)

 मन
मन एक अबूझ पहेली सा है                                  confused cat
भीड़ में अकेला
और
अकेलेपन में भीड़ से भर जाता है
कभी कभी निन्यानवे के चक्कर में पड़ेगा
कभी बिना कुछ ही खुश हो जाता है

वैसे  बकबक करता रहता है

अनवरत

सोने भी नहीं देता पर कुछ लिखने  कोशिश करो
तो सब बिसरा सा  जाता है
समझ नहीं आता
यह बस मेरा हाल है
या, सभी के साथ ऐसा हो जाता है
कौन इसे समझाए
जितना  कुछ पकड़ पाओ तो सोना है
वरना  सब मिटटी हो जाता है.

AITBAR/ ऐतबार

कहीं पर है सूखा कहीं पर है बाढ़,

पीने को पानी फिर भी हर जगह कम है ।

बादल देखा कर तोड़ो न तुम मटके ,
गरजते बादलों पे भरोसा जरा कम है ।
कागज की नाव लिए उदास हैं बच्चे,
नालों खड्डों में भी पानी बहुत कम है।
मंहगाई की मार  से परेशान है सरकार भी,
वादों में जोश ज्यादा आँखों में पानी कम है।
मुश्किल से मिली कुर्सी कहीं फिर से छिन  न जाए,
अपने ही किये वादों पे ऐतबार उन्हें कम है।
Playing with words

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Only 100 Words

a 100-word story every day

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The Essence Within

Glorious both in spirit and in the letter

Anokhi Roshani

Everything In Hindi

M.I.S.M.A.T.C.H

Everything is a mismatch on their own until they are together and given a meaning.

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Tauqeer Ahmad

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